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उगादी

उगादी 2022, 2023 और 2024

दक्षिण भारत के कुछ प्रदेशों में, उगादी, मराठी हिन्दुओं के नए साल नाम है। यह दिन हिन्दू चन्द्र पंचांग पर आधारित है, इसलिए ग्रिगोरीअन कैलेंडर या पंचाग पर इसकी तिथि बदल सकती है, पर आम तौर पर यह मार्च या अप्रैल में किसी समय पड़ता है।

सालतारीखदिनछुट्टियांराज्य / केन्द्र शासित प्रदेश
202213 अप्रैलबुधवारउगादी AP, GA, GJ, JK, KA,
RJ & TG
202322 मार्चबुधवारउगादी AP, GA, GJ, JK, KA,
RJ & TG
20249 अप्रैलमंगलवारउगादी AP, GA, GJ, JK, KA,
RJ & TG
कृपया पिछले वर्षों की तारीखों के लिए पृष्ठ के अंत तक स्क्रॉल करें।

ज़मीन पर “कोलम” बनाना अर्थात रंगोली बनाना, इस त्यौहार से जुडी सबसे प्रसिद्ध परंपरा है। यह विशाल और रंग बिरंगी होती है और चाक, बुरादा, चावल, और अन्य सामान को उपयोग में लाकर बनाई जाती है। यह अपनी पेचीदा बनावट और डिज़ाइन के कारण बहुत अद्भुत लग सकती हैं। दरवाज़ों को सजाने के लिए, आम के पत्तों का उपयोग किया जाता है।

कई लोग इस दिन दान पुण्य करते हैं या फिर अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को उपहार देते हैं। नए वस्त्र पहनना, विधिवत स्नान और तेल लगवाना, मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना करना, भेंट चढ़ाना और त्यौहार से जुड़े ख़ास व्यंजन खाना, सभी इस उत्सव का हिस्सा हैं।

“पचडी” व्यंजन का ख़ास महत्व होता है। एक ही रसे या सूप में विभिन्न स्वाद होते हैं। ये मीठा, फिर खट्टा, नमकीन और फिर तीखा हो सकता है। यह इस बात को समझाने का प्रतीक होता है की आने वाले वर्ष में जीवन के सारे अनुभव इस प्रकार एक एक कर के आ सकते हैं।

भारतीय बसंत ऋतु में, लाल फूलों और आम की नई कोपलों से प्रक्रति प्रफुल्लित होती है, इसलिए उगादी लोगों के लिए बाहर निकलकर हरियाली और सुहाने मौसम का आनंद लेने का अच्छा समय हो सकता है।

पिछले कुछ वर्ष

सालतारीखदिनछुट्टियांराज्य / केन्द्र शासित प्रदेश
202113 अप्रैलमंगलवारउगादी AP, GA, GJ, JK, KA,
RJ & TG
202025 मार्चबुधवारउगादी AP, GA, GJ, JK, KA,
RJ & TG
20196 अप्रैलशनिवारउगादी AP, GA, GJ, JK, KA,
RJ & TG
201818 मार्चरविवारउगादी AP, GA, GJ, JK, KA,
RJ & TG
201728 मार्चमंगलवारउगादी GA, GJ & JK
29 मार्चबुधवारउगादी AP, KA, RJ & TG