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राम नवमी

राम नवमी 2020 और 2021

राम नवमी सबसे प्रमुख हिन्दू त्योहारों में से एक है, जो पश्चिमी पंचांग के अनुसार मार्च या अप्रैल में और हिन्दू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के नौवें दिन पड़ता है।

सालतारीखदिनछुट्टियांराज्य / केन्द्र शासित प्रदेश
20202 अप्रैलगुरूवारराम नवमी AN, AP, BR, CG, DD,
DL, GJ, HP, HR, MH,
MP, OR, PB, RJ, SK,
TG, UK & UP
202121 अप्रैलबुधवारराम नवमी AN, AP, BR, CG, DD,
GJ, HP, HR, MH, MP,
OR, PB, RJ, SK, TG,
UK & UP

यह भगवान राम के जन्म की खुशी में मनाया जाता है, जिन्हें भगवान विष्णु का अवतार और एक अच्छा राजा माना जाता है जिनके शासनकाल के दौरान भारतवर्ष में रामराज्य अर्थात अपार समृद्धि आयी थी। यह त्योहार नेपाल और दुनिया भर के हिंदुओं द्वारा भी मनाया जाता है।

भगवान विष्णु के सभी रूपों की पूजा करने वाले वैष्णव हिन्दू संप्रदाय के नाम पर इस उत्सव को “वैष्णव” भी कहा जा सकता है। हिंदुओं के दो अन्य प्रमुख समूहों में शैव और शाक्त शामिल हैं, इनका नाम भी उन देवी-देवताओं के नाम पर रखा गया है जिनकी ये पूजा करते हैं।

भारत के कुछ हिस्सों में, रामनवमी से नौ दिन पहले ही उत्सव शुरू हो जाता है, आगे के कार्यक्रम को “वसंत उत्सव” के रूप में माना जाता है, जो भारत में उस समय के दौरान आता है।

कुछ हिन्दू, ज्योतिष के अध्ययन से बताते हैं कि वास्तव में राम का जन्म 10 जनवरी, 5114 ईसा पूर्व हुआ था, लेकिन पारंपरिक हिन्दू मानते हैं कि उनका जन्म लाखों वर्ष पहले, दोपहर के समय, चैत्र मास की 9वीं तिथि को हुआ था।

यह उत्सव मनाने के लिए, भक्तगण पूरे दिन मंत्रों का उच्चारण करते हैं। वे भगवान राम को फल-फूल अर्पित करते हैं और उनकी पूजा करने के लिए दोपहर के समय मंदिरों या तीर्थ स्थलों में जाते हैं। साथ ही, उनकी प्रतिमाओं को सजाया जाता है, उनकी छोटी मूर्ति को झूले में झुलाया जाता है, चरणामृत पिया जाता है, और शाम तक उपवास रखकर, शाम के समय फलाहार ग्रहण किया जाता है। कुछ लोग भगवान राम की छोटी मूर्ति को नवजात शिशु के समान स्नान कराते हैं। दक्षिण भारत में, रामनवमी को भगवान राम और माता सीता के विवाह का दिन भी माना जाता है, और उनकी प्रतिमाओं की पूजा की जाती है।

रामनवमी के दौरान भारत आने वाले लोगों को निम्नलिखित में से किसी गतिविधि में रूचि हो सकती है:

  • रामनवमी की पूजा और उत्सव में शामिल होइए। इसे पूरे भारतवर्ष में मनाया जाता है, लेकिन सबसे बड़ा और सबसे प्रसिद्ध उत्सव तेलंगाना के भद्राचलम मंदिर में होता है।
  • रथयात्रा देखें, जिसमें रथ पर भगवान राम के साथ उनके भाई लक्ष्मण, माता सीता और परमभक्त हनुमान की शोभायात्रा निकाली जाती है। अच्छी तरह से सजे हुए रथ के साथ “सैनिकों” की वेशभूषा में तैयार कलाकार भी शामिल होते हैं। हर साल उत्तर में स्थित शहर अयोध्या में रथयात्रा देखने के लिए हज़ारों लोगों की भीड़ इकट्ठा होती है।
  • दक्षिण भारत के कई मंदिरों में “राम! राम! राम!” की जय-जयकार के बीच राम और सीता के वैवाहिक समारोह का अभिनय किया जाता है। ऐसे कार्यक्रमों में से सबसे बड़ा और सबसे प्रसिद्ध कार्यक्रम भद्राचलम शहर में होता है।
  • तिरुमला शहर के वैष्णव तीर्थस्थल श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर जाएँ, जो भारत देश के आंध्र प्रदेश राज्य का पहाड़ी क्षेत्र है। यह भगवान विष्णु के एक अन्य अवतार “वेंकटेश्वर” भगवान का मंदिर है और चारों तरफ से सात पहाड़ों से घिरे होने के कारण इसे “सात पहाड़ों का मंदिर” कहते हैं। यह 300 ईसवी के आसपास निर्मित किया गया था और द्रविड़ वास्तुकला का सुंदर उदाहरण है।

रामनवमी का त्योहार पूरे भारत वर्ष में, विशेष रूप से वैष्णव हिंदुओं के द्वारा व्यापक रूप से मनाया जाने वाला धार्मिक हिन्दू उत्सव है। यह कई रंगारंग झांकियों और कार्यक्रमों का भी अवसर होता है जिसमें कई पर्यटक शामिल होते हैं।

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