Start Planning
नए साल

नए साल 2020, 2021 और 2022

हालाँकि, हिन्दू पंचाग में नए साल का पारंपरिक उत्सव बसंत ऋतु में होता है, ग्रिगोरीअन कैलेंडर या पंचाग के अनुसार, भारत भी विश्व के बाकी देशों के साथ मिलकर, पहली जनवरी को नए वर्ष का उत्सव मनाता है।

सालतारीखदिनछुट्टियांराज्य / केन्द्र शासित प्रदेश
20201 जनवरीबुधवारन्यू ईयर AR, ML, MN, MZ, NL,
PY, RJ, SK, TG &
TN
2 जनवरीगुरूवारन्यू ईयर छुट्टियां MZ
31 दिसंबरगुरूवारनववर्ष की पूर्व MN & MZ
20211 जनवरीशुक्रवारन्यू ईयर AR, ML, MN, MZ, NL,
PY, RJ, SK, TG &
TN
2 जनवरीशनिवारन्यू ईयर छुट्टियां MZ
31 दिसंबरशुक्रवारनववर्ष की पूर्व MN
20221 जनवरीशनिवारन्यू ईयर AR, ML, MN, MZ, NL,
PY, RJ, SK, TG &
TN
2 जनवरीरविवारन्यू ईयर छुट्टियां MZ
31 दिसंबरशनिवारनववर्ष की पूर्व MN

वास्तव में, आधुनिक भारत में नए साल का उत्सव बड़े स्तर पर मनाया जाता हैं। पश्चिमी देशों की नए साल की संध्या से जुडी कई परंपराएँ, भारत में भी लाई गईं हैं, लेकिन इसमें स्थानीय अंदाज़ भी शामिल है।

नए साल की संध्या पर कई परिवार आपस में उपहारों का आदान प्रदान करते हैं और प्रार्थना करते हैं। कुछ लोग मध्यरात्रि पर बजने वाली घंटियों की ध्वनि सुनने के लिए, जो की इस बात की घोषणा करती हैं कि पुराना साल खत्म हुआ और नए साल का आगमन हो चुका है, और आतिशबाजी का प्रदर्शन देखने के लिए देर रात तक जागते हैं। यह बीते हुए साल को याद करने का और जिन कार्यों को पूर्ण करने की एक व्यक्ति उम्मीद रखता है, उनके प्रति संकल्प लेने का भी समय होता है।