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नवरात्रि

नवरात्रि 2023, 2024 और 2025

घटस्थापना की परंपरा, नौ दिन के नवरात्री और पंद्रह दिन के दशैं के त्यौहार के समय पूरी करी जाती है। उत्तर भारत के अलावा, दशैं त्यौहार, नेपाल और बर्मा जैसे पडोसी देशों में मनाया जाता है।

सालतारीखदिनछुट्टियांराज्य / केन्द्र शासित प्रदेश
202315 अक्टूबररविवारनवरात्रि RJ
20243 अक्टूबरगुरूवारनवरात्रि RJ
202522 सितंबरसोमवारनवरात्रि RJ
202611 अक्टूबररविवारनवरात्रि RJ
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घटस्थापना वो रिवाज़ है जिसमे एक धार्मिक घड़ा, जिस कलश कहते हैं, उसमे “शुद्ध पानी” भरा जाता है। इस घड़े को गाय के गोबर से भी लीपते हैं और जौ के बीज में बोते हैं। इसके बाद बर्तन को रेत से बने गड्ढे में रखा जाता है जिसमे पहले से ही बीज बोये हुए होते हैं। पुजारी इस घड़े को अपना आशीर्वाद देते हैं और हिन्दू प्रजाति के लोग ऐसा मानते हैं कि इस त्यौहार के दौरान, इस घड़े में देवी वास करती हैं।

इस घड़े को विशेष कमरे में रखा जाता है और घटस्थापना के दिन से लेकर पूरे त्यौहार की अवधि तक, कलश की रोज़ दिन में दो बार पूजा करी जाती है। पहले समय में केवल परिवार के एक पुरुष को ही कमरे में जाने की अनुमति होती थी लेकिन अब स्त्रियाँ भी इसकी पूजा को करती हैं।

इस घड़े में हर दिन पवित्र जल भरा जाता है और इसे रौशनी से दूर रखा जाता है। ऐसा करने से त्यौहार के दौरान इसमें लम्बी, पीली घास उगती है जिसे की “जमारा” के नाम से जाना जाता है।

जहाँ घटस्थापना से जुड़े कई समारोह निजी होते हैं, इन्हें पूरे भारत में मनाया जाता है। और यह हिन्दू धर्म की भक्ति का और सामान्य उत्सव का समय होता है।

पिछले कुछ वर्ष

सालतारीखदिनछुट्टियांराज्य / केन्द्र शासित प्रदेश
202226 सितंबरसोमवारनवरात्रि RJ
20217 अक्टूबरगुरूवारनवरात्रि RJ
202017 अक्टूबरशनिवारनवरात्रि RJ
201929 अगस्तगुरूवारनवरात्रि RJ
201810 अक्टूबरबुधवारनवरात्रि RJ
201721 सितंबरगुरूवारनवरात्रि RJ